संघर्ष भरी नारी की कहानी!
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News1820-02-2026, 16:07

संघर्षों से भरी जिंदगी, फिर भी नहीं टूटा हौसला, 100 बच्चियों को दिलाई नई जिंदगी.

  • बहराइच की रचना मिश्रा, जन्म से दिव्यांग, ने बचपन से ही संघर्षों का सामना किया और कम उम्र में माता-पिता को खो दिया.
  • नौकरी की तलाश में भटकने के बाद, उन्होंने ₹100 में बच्चों को पढ़ाना शुरू किया और फिर "आई हेट" संगठन से जुड़ीं.
  • एक बाल विवाह की दुखद घटना ने उन्हें बाल विवाह के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया.
  • "देहात इंडिया" संगठन के साथ 4 साल में, उन्होंने अकेले ही लगभग 100 लड़कियों को बाल विवाह से बचाया है.
  • रचना का जीवन संघर्षों के बावजूद दृढ़ता और सामाजिक परिवर्तन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की एक प्रेरक कहानी है.

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