स्वामी विवेकानंद की गाजीपुर यात्रा: 23 दिनों में कैसे बदला सब कुछ

गाजीपुर
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News18•12-01-2026, 20:42
स्वामी विवेकानंद की गाजीपुर यात्रा: 23 दिनों में कैसे बदला सब कुछ
- •स्वामी विवेकानंद ने जनवरी से मार्च 1890 तक उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में तीन महत्वपूर्ण महीने बिताए, जो उनकी प्रारंभिक संन्यासी यात्रा का हिस्सा था.
- •उन्होंने पूजनीय तपस्वी पहाड़ी बाबा से शिक्षा लेने की कोशिश की, जो हवा पर जीवित रहने के लिए जाने जाते थे, और उनके आश्रम के पास एक कुटिया भी बनाई.
- •अपने प्रवास के दौरान, स्वामी जी ने एक गहरा मानसिक संघर्ष अनुभव किया, व्यक्तिगत योग अभ्यास और अपने गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस के भारत को ऊपर उठाने के आह्वान के बीच फंसे हुए थे.
- •एक उल्लेखनीय घटना अलवर के महाराजा के साथ उनका संवाद था, जहाँ उन्होंने राजा के चित्र के दृष्टांत का उपयोग करके मूर्ति पूजा का बचाव किया.
- •गाजीपुर में पहाड़ी बाबा से आध्यात्मिक ऊर्जा और आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद, स्वामी जी वाराणसी की ओर बढ़े, जिससे अंततः 1893 में शिकागो में उनका प्रतिष्ठित भाषण हुआ.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गाजीपुर में स्वामी विवेकानंद का समय आध्यात्मिक संघर्ष और स्पष्टता का एक महत्वपूर्ण दौर था, जिसने उनके भविष्य के मिशन को आकार दिया.
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