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ईद से पूर्व ज़कात क्यों दी जाती है? इस्लाम में इसका महत्व जानें.
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ईद से पहले ज़कात क्यों? इस्लाम में इसका महत्व और सामाजिक जिम्मेदारी
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News18
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15-03-2026, 12:17
ईद से पहले ज़कात क्यों? इस्लाम में इसका महत्व और सामाजिक जिम्मेदारी
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ईद-उल-फितर से पहले ज़रूरतमंदों की मदद के लिए ज़कात और फितरा दिया जाता है ताकि सभी ईद मना सकें.
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मौलाना इनामुलहक के अनुसार, ज़कात इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जो आर्थिक समानता को बढ़ावा देती है.
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यह उन मुसलमानों के लिए अनिवार्य है जिनके पास पर्याप्त धन है, उन्हें अपनी बचत का 2.5% गरीबों में बांटना होता है.
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रमजान में ज़कात देने का विशेष महत्व है, क्योंकि इस महीने में अच्छे कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है.
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ज़कात केवल दान नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है जो भाईचारे को मजबूत करती है और अमीर-गरीब के बीच खाई को पाटती है.
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