एंजेल चकमा की 'आखिरी वो' चार शब्द: 'पापा, मुझे बचाओ' - नस्लीय हमले में छात्र की मौत.

देहरादून
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News18•30-12-2025, 11:40
एंजेल चकमा की 'आखिरी वो' चार शब्द: 'पापा, मुझे बचाओ' - नस्लीय हमले में छात्र की मौत.
- •देहरादून में नस्लीय हमले में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मौत हो गई, जिसने अपने छोटे भाई माइकल को बचाया था.
- •युवकों ने माइकल पर नस्लीय टिप्पणी ("चिंकी", "चीनी", "मोमो") की, जिसके बाद एंजेल पर चाकू से हमला हुआ, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी और गर्दन की हड्डी टूट गई.
- •एंजेल 17 दिनों तक आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ता रहा; पिता तरुण प्रताप (बीएसएफ) और भाई माइकल ने उसके अंतिम शब्द "पापा, मुझे बचाओ" बताए.
- •सीसीटीवी फुटेज में घटना कैद हुई, और पुलिस ने शुरू में शिकायत दर्ज करने में ढिलाई बरती.
- •एंजेल एक होनहार एमबीए छात्र था, जिसने डेकाथलॉन से नौकरी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था, जिसका भविष्य नफरत के कारण दुखद रूप से समाप्त हो गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नस्लीय नफरत ने एक होनहार छात्र की जान ले ली, न्याय और सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला.
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