चाचा को खोने के बाद सड़कों पर 'सुरक्षा की लौ' जगाने उतरी इशिता 
देहरादून
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News1820-01-2026, 14:08

चाचा की मौत से टूटी इतिशा ने सड़क सुरक्षा को बनाया जीवन का मिशन

  • देहरादून की इतिशा मैखुरी ने 2003 में एक सड़क दुर्घटना में अपने चाचा सुशील मैखुरी को खो दिया, जिससे उनका परिवार टूट गया था.
  • चाचा की मौत के दर्द ने इतिशा को एक मजबूत संकल्प दिया, उन्होंने यातायात नियमों की अनदेखी के विनाशकारी प्रभाव को समझा.
  • उन्होंने खुद से वादा किया: "जो दर्द मैंने सहा, वो कोई और न सहे", और अपना जीवन सड़क सुरक्षा को समर्पित कर दिया.
  • इतिशा, अपनी बहन अंजलि और स्कूली स्वयंसेवकों के साथ, अब देहरादून के व्यस्त चौराहों पर नुक्कड़ नाटक और जागरूकता अभियान चलाती हैं.
  • उनका मिशन लोगों को यातायात नियमों के बारे में शिक्षित करना है, यह समझाना है कि घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा है, ताकि ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इतिशा मैखुरी ने अपने व्यक्तिगत दुख को देहरादून में एक शक्तिशाली सड़क सुरक्षा आंदोलन में बदल दिया.

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