जख्मों से भरा बचपन, आंसुओं से भरी जिंदगी: देहरादून की बबीता मदद की गुहार लगा रही हैं.

देहरादून
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News18•14-02-2026, 14:21
जख्मों से भरा बचपन, आंसुओं से भरी जिंदगी: देहरादून की बबीता मदद की गुहार लगा रही हैं.
- •देहरादून की बबीता 13 साल की उम्र में दौरे के दौरान जलते चूल्हे में गिरकर बुरी तरह झुलस गई थीं.
- •पांच साल पहले उनके पति का निधन हो गया, जिससे उन्हें मानसिक बीमारी से जूझते हुए बच्चों को पालना पड़ रहा है.
- •वह पिछले पांच साल से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वित्तीय सहायता के लिए मिलने की कोशिश कर रही हैं.
- •उनका बड़ा बेटा दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करता है, लेकिन उसकी कमाई भोजन, किराए और खर्चों के लिए मुश्किल से पर्याप्त है.
- •बबीता अपने बच्चों के लिए एक घर चाहती हैं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी उन्हें घर नहीं मिल पाया.
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