बागेश्वर के मोहन राम: 22 विधाओं के ढोल जादूगर, कुमाऊँ की लोक कला को रखा जीवित

बागेश्वर
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News18•28-01-2026, 09:58
बागेश्वर के मोहन राम: 22 विधाओं के ढोल जादूगर, कुमाऊँ की लोक कला को रखा जीवित
- •बागेश्वर के गोगीना रतीरकेती गाँव के 62 वर्षीय मोहन राम, ढोल वादन की 22 विधाओं में माहिर एक प्रसिद्ध लोक कलाकार हैं.
- •उनके प्रदर्शन, जिनमें धुन, ताल और नृत्य का मिश्रण होता है, शादियों, समारोहों और लोक अनुष्ठानों में मुख्य आकर्षण होते हैं, जो सभी पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करते हैं.
- •मोहन राम की अनूठी कला सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल कर रही है, उनके ढोल वादन और नृत्य के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे उन्हें "चलती-फिरती लोक विरासत" का खिताब मिला है.
- •अपनी लोकप्रियता के बावजूद, वह उत्तराखंड के पारंपरिक लोक कलाकारों के संघर्षों को उजागर करते हैं, जिन्हें अनियमित काम और आजीविका संकट का सामना करना पड़ता है.
- •वह ढोल-दमाऊ कला और लोक संस्कृति को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने हेतु नियमित मानदेय, प्रशिक्षण केंद्रों और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से सरकारी सहायता की वकालत करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मोहन राम, 22 ढोल कलाओं के उस्ताद, कुमाऊँ की लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए संघर्षरत कलाकारों के लिए समर्थन का आग्रह करते हैं.
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