पर्यटकों की गलतियों से भी फैलती है जंगलों की आग
नैनीताल
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News1829-01-2026, 12:43

नैनीताल के जंगल सुलगते: जलवायु परिवर्तन, मानवीय लापरवाही से भीषण आग

  • उत्तराखंड, जिसमें नैनीताल भी शामिल है, में जंगल की आग एक गंभीर चिंता का विषय है, जो हरियाली, वन्यजीव, जल स्रोतों और स्थानीय आजीविका को प्रभावित करती है.
  • जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, असमय बारिश और सूखे की स्थिति से जंगल अत्यधिक संवेदनशील हो जाते हैं, जिससे सूखी पत्तियां और पिरूल आग के फैलाव को तेज करते हैं.
  • मानवीय लापरवाही, जैसे जलती हुई सिगरेट फेंकना, अधबुझी कैंपफायर छोड़ना और जानबूझकर आग लगाना, इन विनाशकारी आग का एक प्रमुख कारण है.
  • नैनीताल वन प्रभाग के रेंजर आनंद लाल टम्टा ने आग लगने के प्राथमिक कारण के रूप में पर्यटकों की लापरवाही, विशेषकर अधबुझी कैंपफायर को उजागर किया है.
  • वन विभाग सफाई अभियान और पिरूल संग्रह योजनाएं चलाता है, साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाता है, लेकिन आग को रोकने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर देता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नैनीताल में जंगल की आग जलवायु परिवर्तन और मानवीय लापरवाही से भड़कती है, जिससे आपदा को रोकने के लिए सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता है.

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