प्रतीकात्मक फोटो.
पिथौरागढ़
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News1802-01-2026, 06:49

पिथौरागढ़ में पलायन का कहर: अंतिम संस्कार को भी नहीं मिले लोग, SSB ने की मदद.

  • पिथौरागढ़ के ताड़े गांव में 100 वर्षीय झूपा देवी के अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त पुरुष नहीं मिले.
  • परंपरा के अनुसार चार पुरुषों की आवश्यकता थी, लेकिन केवल तीन ही उपलब्ध थे.
  • ग्राम प्रधान दीपक बिष्ट ने पास के बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) से मदद मांगी.
  • SSB जवानों ने झूपा देवी के शव को काली नदी तक ले जाने और अंतिम संस्कार में सहायता की.
  • शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के लिए व्यापक पलायन के कारण गांव में अब केवल बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे ही बचे हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पिथौरागढ़ के ताड़े गांव में पलायन के कारण अंतिम संस्कार के लिए भी SSB की मदद लेनी पड़ी.

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