60 की उम्र में ‘आतंकवादी’ ठहराया गया फौजी, वक्त रहते बची इज़्ज़त और ज़िंदगी: कपकोट में डिजिटल जाल से रिटायर्ड सैनिक की रेस्क्यू कहानी।।
बागेश्वर
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News1804-01-2026, 05:01

कपकोट में फौजी को 'आतंकवादी' बताकर ठगी का प्रयास, पुलिस ने बचाई इज्जत और 2 लाख रुपये.

  • कपकोट के 62 वर्षीय रिटायर्ड फौजी कल्याण राम साइबर ठगी का शिकार हुए, जहां उन्हें 'आतंकवादी' बताया गया.
  • धोखेबाजों ने जम्मू और कश्मीर ATS अधिकारी बनकर पुलवामा हमले के आतंकवादियों को फंडिंग का आरोप लगाया और गिरफ्तारी की धमकी दी.
  • कल्याण राम को 5 घंटे तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया और उनके बैंक खाते से 2 लाख रुपये ट्रांसफर करने का प्रयास किया गया.
  • पड़ोसियों की सतर्कता से कपकोट पुलिस को सूचना मिली, जिसने तुरंत कार्रवाई कर ठगी रोकी और फौजी को बचाया.
  • SP चंद्रशेखर घोड़के ने 'आतंकवाद' के नाम पर डर फैलाने वाले साइबर अपराधियों से सावधान रहने और 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की अपील की.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: साइबर अपराधी डर का फायदा उठाते हैं; सतर्कता और पुलिस की तत्परता ठगी रोकने में महत्वपूर्ण है.

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