ऋषिकेश का पूर्नानंद घाट: महिलाएं संभालती हैं गंगा आरती की कमान, सशक्तिकरण का प्रतीक

ऋषिकेश
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News18•11-01-2026, 18:53
ऋषिकेश का पूर्नानंद घाट: महिलाएं संभालती हैं गंगा आरती की कमान, सशक्तिकरण का प्रतीक
- •ऋषिकेश का पूर्नानंद घाट बेहद खास है, जहां गंगा आरती और हवन की पूरी कमान महिलाएं संभालती हैं.
- •यह भारत का पहला घाट माना जाता है जहां महिलाएं गंगा आरती करती हैं, जो शाम 6:30 बजे शुरू होती है.
- •आरती से पहले हवन का आयोजन होता है, जिसमें जाति, उम्र या लिंग की परवाह किए बिना कोई भी भाग ले सकता है.
- •पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आरती करती हैं, जो भक्ति और सशक्तिकरण का प्रतीक है.
- •यह पहल धार्मिक अनुष्ठानों में पारंपरिक लैंगिक भूमिकाओं को चुनौती देती है और सकारात्मक बदलाव लाती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ऋषिकेश का पूर्नानंद घाट महिलाओं को धार्मिक अनुष्ठानों का नेतृत्व देकर सशक्तिकरण का संदेश देता है.
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