स्विट्जरलैंड से संन्यास तक: हिमालय में अनामय वैदिक आश्रम की अनूठी कहानी.

बागेश्वर
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News18•19-12-2025, 00:03
स्विट्जरलैंड से संन्यास तक: हिमालय में अनामय वैदिक आश्रम की अनूठी कहानी.
- •हिमालय के कौसानी में स्थित अनामय वैदिक आश्रम प्राचीन वैदिक ज्ञान और सनातन परंपरा को संरक्षित करता है.
- •इसकी स्थापना स्विट्जरलैंड के उर्स स्ट्रोबेल (स्वामी आशुतोष) ने की, जिन्होंने Transcendental Meditation से प्रभावित होकर भारतीय दर्शन अपनाया.
- •2006 में स्थापित, यह आश्रम कक्षा 5 के बाद ग्रामीण बच्चों को मुफ्त वैदिक शिक्षा (वेद, संस्कृत, योग) प्रदान करता है.
- •छात्रों को मुफ्त छात्रावास, जैविक सात्विक भोजन मिलता है, और समग्र विकास के लिए अनुशासन व Transcendental Meditation पर जोर दिया जाता है.
- •यह आश्रम पूर्वी और पश्चिमी संस्कृतियों के बीच आध्यात्मिक एकता का एक अनूठा प्रतीक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कौसानी में एक स्विस संत ने अनामय वैदिक आश्रम की स्थापना की, जो मुफ्त वैदिक शिक्षा और पूर्व-पश्चिम आध्यात्मिकता को जोड़ता है.
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