उत्तराखंड का ई-गवर्नेंस मॉडल बना वरदान, दूरस्थ गांवों तक पहुंची डिजिटल सुविधा

देहरादून
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News18•28-01-2026, 15:12
उत्तराखंड का ई-गवर्नेंस मॉडल बना वरदान, दूरस्थ गांवों तक पहुंची डिजिटल सुविधा
- •उत्तराखंड में 'अपनी सरकार' पोर्टल और 'ई-डिस्ट्रिक्ट' सेवाओं के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाएं पेपरलेस हो गई हैं.
- •नागरिक अब जन्म-मृत्यु, आय और जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज घर बैठे ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे समय और धन की बचत हो रही है.
- •'जनसुनवाई पोर्टल' और 'सीएम हेल्पलाइन 1905' के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली ने जनता और सरकार के बीच संबंध मजबूत किया है.
- •'वृद्धावस्था पेंशन' जैसी योजनाएं और भूमि रिकॉर्ड के लिए 'भूदेव ऐप' ऑनलाइन हो गए हैं, जिससे प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और भ्रष्टाचार कम हुआ है.
- •'रोजगार प्रयाग पोर्टल' और 'ई-ट्रांसपोर्ट' सेवाओं ने नौकरी की जानकारी और परिवहन विभाग के संचालन को डिजिटल कर दक्षता बढ़ाई है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: उत्तराखंड का ई-गवर्नेंस मॉडल सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल बना रहा है, पारदर्शिता बढ़ा रहा है और दूरस्थ समुदायों को लाभ पहुंचा रहा है.
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