
2026 के पश्चिम बंगाल चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले के लिए तैयार हैं, जो टीएमसी बनाम भाजपा के द्विध्रुवीय परिदृश्य से हटकर होगा।
हाँ, चुनाव आयोग मुद्दों को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है, जैसा कि मालदा और पश्चिम बंगाल में उसके कार्यों से साबित होता है।