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दक्षिण दिनाजपुर के भिकाहर काली मंदिर में 600 वर्षों से केवल दीपक की रोशनी में पूजा होती है. बाहरी प्रकाश वर्जित है.
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600 साल से अंधेरे में भीकाहार का काली मंदिर: सिर्फ दीयों से होती है पूजा.
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News18
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22-02-2026, 22:18
600 साल से अंधेरे में भीकाहार का काली मंदिर: सिर्फ दीयों से होती है पूजा.
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दक्षिण दिनाजपुर के भीकाहार में स्थित मंदिरबासिनी काली मंदिर में 600 सालों से बाहरी रोशनी का प्रवेश वर्जित है, पूजा केवल दीयों की रोशनी में होती है.
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तपन ब्लॉक में स्थित यह मंदिर एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, खासकर दीपावली अमावस्या के दौरान यहां भारी भीड़ उमड़ती है.
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पूजा तांत्रिक अनुष्ठानों के अनुसार पंचमुंडी आसन पर की जाती है, और देवी को स्थानीय लोग प्यार से 'बामकाली' कहते हैं.
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मंदिर में पारंपरिक टेराकोटा का काम है, लेकिन नवीनीकरण और रखरखाव की कमी के कारण यह जीर्ण-शीर्ण हो रहा है, कुछ हिस्से जर्जर हो गए हैं.
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स्थानीय लोग मंदिर को बचाने के लिए तत्काल नवीनीकरण का आग्रह कर रहे हैं, जो बालुरघाट से बस या कार द्वारा पहुँचा जा सकता है.
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