
अधीर रंजन चौधरी तीन दशकों के बाद बहरामपुर, मुर्शिदाबाद और पश्चिम बंगाल के लोगों के हितों की सेवा करने के लिए राज्य की राजनीति में लौटे।
प्रदान किए गए स्रोतों में अधीर रंजन चौधरी के पिछले विवादास्पद बयानों या वे उनके वर्तमान विधानसभा चुनाव अभियान को कैसे प्रभावित कर सकते हैं, इस बारे में जानकारी नहीं है।
अनुभवी नेता अधीर रंजन चौधरी की राज्य के चुनावी रण में वापसी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने और मुर्शिदाबाद, मालदा और नदिया जिलों की लगभग 50 सीटों पर मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभाव डालने की उम्मीद है।