बोलपुर स्कूल में 'हरित क्रांति': कचरे के ढेर से जिले का गौरव, 3 साल में बदला स्वरूप

पश्चिम बंगाल
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News18•29-01-2026, 10:25
बोलपुर स्कूल में 'हरित क्रांति': कचरे के ढेर से जिले का गौरव, 3 साल में बदला स्वरूप
- •पारुलडांगा गांव स्थित बोलपुर शिक्षणिकेतन आश्रम विद्यालय एक उपेक्षित कचरे के ढेर से एक मॉडल संस्थान में बदल गया है.
- •प्रधान शिक्षक प्रशांत कुमार दास ने 2022 में 'हरित क्रांति' की शुरुआत की, जिसमें 26-27 बीघा भूमि को पुनः प्राप्त किया गया.
- •स्कूल में अब एक विशाल जैविक उद्यान है जहाँ रासायनिक उर्वरकों के बिना 185 प्रकार के फूल, फल और सब्जियां उगाई जाती हैं.
- •छात्रों को अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ प्रकृति, कृषि और पर्यावरण में व्यावहारिक शिक्षा मिलती है.
- •इस पहल ने स्थानीय ध्यान आकर्षित किया है, और अधिकारी आगे विस्तार के लिए सरकारी सहायता मांग रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक बोलपुर स्कूल ने कचरे के ढेर को एक संपन्न जैविक खेत में बदल दिया, जो शिक्षा और पर्यावरण का एक मॉडल बन गया है.
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