पूर्वी बर्दवान: गोपालपुर के सहज अखड़ा में 108 लुप्तप्राय धान की किस्मों के बीज बचाने का अनूठा उत्सव, यह आश्रम पंचम डोल के दौरान बंगाली विरासत का संरक्षक बन गया है.
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पूर्वी बर्धमान का सहज अखड़ा: 108 लुप्तप्राय धान किस्मों का संरक्षण, बंगाली विरासत का रक्षक.
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News18•09-03-2026, 13:11
पूर्वी बर्धमान का सहज अखड़ा: 108 लुप्तप्राय धान किस्मों का संरक्षण, बंगाली विरासत का रक्षक.
•पूर्वी बर्धमान के गोपालपुर-उल्लासपुर गांव में 5 फरवरी, 2023 को स्थापित सहज अखड़ा, लोगों को प्रकृति से जोड़ने और ग्रामीण बंगाली संस्कृति को संरक्षित करने का प्रयास करता है.
•यह ग्रामीण सांस्कृतिक प्रथाओं, महिलाओं के जमावड़े और 'प्रकृतिजापन उत्सव' (प्रकृति जीवन उत्सव) का आयोजन करता है.
•यह अखड़ा स्वदेशी बीज संरक्षण का केंद्र है, जो स्थानीय किसानों की मदद से 108 प्रकार के देशी धान के बीजों का सक्रिय रूप से संरक्षण कर रहा है.
•तीन दिवसीय 'मायाप्रकृति' उत्सव के दौरान, एक पेड़ की पूजा की जाती है, बाउल और फकीरी गीत गाए जाते हैं, और मुफ्त भोजन (अन्नछत्र) वितरित किया जाता है.
•संस्थापक राधामोहन मंडल ने लुप्त होती ग्रामीण परंपराओं को बचाने और प्रकृति के साथ मानव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के सामूहिक प्रयास पर जोर दिया.