पूर्वी बर्धमान की 'झुमा दोईवाला' ने गहने बेचकर मोपेड खरीदी और दही-छैना बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण किया.
Loading more articles...
झुमा दोईवाला: मोपेड पर दही बेचकर परिवार का सहारा बनी महिला, प्रेरणादायक कहानी.
N
News18•26-02-2026, 19:56
झुमा दोईवाला: मोपेड पर दही बेचकर परिवार का सहारा बनी महिला, प्रेरणादायक कहानी.
•पूर्ब बर्धमान के केतुग्राम की 'झुमा दोईवाला' झुमा घोष दही और छाना बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं.
•ससुर के निधन और पति की बीमारी के बाद परिवार की आय रुकने पर उन्होंने अपने गहने बेचकर एक मोपेड बाइक खरीदी.
•वह प्रतिदिन कटवा उपखंड के विभिन्न गांवों में लगभग 10 किलो दही और 10 किलो छाना बेचती हैं.
•वह घर पर 10 गायों और 2 भैंसों का प्रबंधन करती हैं और अपने व्यवसाय से अपने दो बेटों की शिक्षा का खर्च उठाती हैं.
•झुमा का समर्पण उनके परिवार के अस्तित्व को सुनिश्चित करता है, जो उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की उनकी जिम्मेदारी और दृढ़ संकल्प से प्रेरित है.