निपाह के डर के बावजूद पश्चिम मेदिनीपुर के 'बादुड़ ग्राम' में चमगादड़ों के साथ सह-अस्तित्व

पश्चिम बंगाल
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News18•21-01-2026, 20:07
निपाह के डर के बावजूद पश्चिम मेदिनीपुर के 'बादुड़ ग्राम' में चमगादड़ों के साथ सह-अस्तित्व
- •निपाह वायरस के डर के बावजूद, पश्चिम मेदिनीपुर के सालबोनी स्थित 'बादुड़ ग्राम' (चमगादड़ गांव) के लोग हजारों चमगादड़ों के साथ शांतिपूर्वक रह रहे हैं.
- •यह गांव, जो पीढ़ियों से लगभग तीन हजार चमगादड़ों का घर है, उन्हें सुंदरता और विरासत का प्रतीक मानता है, न कि खतरा.
- •ग्रामीण जोर देते हैं कि चमगादड़ों ने उन्हें कभी नुकसान नहीं पहुंचाया है, और वे उन्हें शिकारियों से सक्रिय रूप से बचाते हैं, यह सुरक्षा सभी वन्यजीवों तक फैली हुई है.
- •समुदाय का यह रुख राज्यव्यापी स्वास्थ्य अलर्ट के बीच प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का एक अनूठा संदेश देता है.
- •राज्य में निपाह के दो मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है, लेकिन इस गांव में डर का कोई असर नहीं है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पश्चिम मेदिनीपुर का एक गांव निपाह के डर को दरकिनार कर चमगादड़ों को अपनी विरासत का हिस्सा मानता है और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देता है.
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