
कुल्टी और रायदीघी में चुनाव समितियों के उपाध्यक्षों के रूप में नई नियुक्तियों का लक्ष्य इन निर्वाचन क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करना है।
उपलब्ध स्रोतों में पूर्व विधायकों को उनकी नई भूमिकाओं में आने वाली चुनौतियों का विवरण नहीं दिया गया है।
हाँ, द्रमुक द्वारा चुनाव लड़ी गई सीटों की संख्या कम करने की रणनीति भविष्य के टिकट वितरण के निर्णयों को प्रभावित कर सकती है।