बांकुड़ा में हिमालय पार कर पहुंचा दुर्लभ 'बार हेडेड गूज', पक्षी प्रेमी उत्साहित

पश्चिम बंगाल
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News18•03-02-2026, 16:51
बांकुड़ा में हिमालय पार कर पहुंचा दुर्लभ 'बार हेडेड गूज', पक्षी प्रेमी उत्साहित
- •बांकुड़ा के कंगसाबती जलाशय में दुर्लभ बार हेडेड गूज, गैडवाल, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, सरल (कॉमन टील) और छोटा सरल (लेसर व्हिसलिंग डक) देखे गए.
- •बार हेडेड गूज, जलाशय के लिए एक नई प्रजाति, हिमालय के ऊपर से दुनिया की सबसे लंबी प्रवासी यात्राओं में से एक को पूरा करके यहां पहुंचा है.
- •हाल ही में हुई पक्षी गणना में लगभग 2,000 प्रवासी पक्षी पाए गए, जो संरक्षण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करते हैं.
- •विशेषज्ञों ने पिछले वर्षों की तुलना में पक्षियों की आबादी में कमी देखी है, जिसका कारण जलाशय में प्लास्टिक कचरा और पर्यटक नौकाओं से होने वाला ध्वनि प्रदूषण है.
- •वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पक्षियों के आवास की रक्षा के लिए सख्त निगरानी, अपशिष्ट नियंत्रण और पर्यटन विनियमन की योजना बनाई है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बांकुड़ा का कंगसाबती जलाशय दुर्लभ प्रवासी पक्षियों का स्वागत करता है, लेकिन संरक्षण चुनौतियों का सामना कर रहा है.
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