EPF और EPS: रिटायरमेंट पेंशन का नया फॉर्मूला और नियम समझें

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Moneycontrol•24-01-2026, 23:04
EPF और EPS: रिटायरमेंट पेंशन का नया फॉर्मूला और नियम समझें
- •EPF एकमुश्त बचत है जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं, जो रिटायरमेंट के बाद एक साथ मिलती है.
- •EPS रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित मासिक आय प्रदान करता है, जिसकी गणना एक विशिष्ट फॉर्मूले से होती है.
- •EPS पेंशन का फॉर्मूला है: (पेंशन योग्य सेवा × पेंशन योग्य वेतन) ÷ 70, जिसमें पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 तक सीमित है.
- •EPS पेंशन के लिए न्यूनतम 10 साल की सेवा आवश्यक है और इसे 58 साल की उम्र में क्लेम किया जा सकता है.
- •EPS 1995 योजना के तहत परिवार के सदस्यों और नामांकित व्यक्तियों को भी पेंशन लाभ मिलते हैं, जो महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: EPF एकमुश्त राशि देता है, जबकि EPS मासिक पेंशन प्रदान करता है, जो मिलकर मजबूत रिटायरमेंट सुरक्षा जाल बनाते हैं.
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