कल्पवास के 10 नियम: इनके बिना अधूरा है यह पवित्र अनुष्ठान प्रयागराज में.

धर्म
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Moneycontrol•05-01-2026, 21:20
कल्पवास के 10 नियम: इनके बिना अधूरा है यह पवित्र अनुष्ठान प्रयागराज में.
- •कल्पवास एक महीने का आध्यात्मिक अनुष्ठान है जो पौष पूर्णिमा से प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर शुरू होता है, भगवान विष्णु का आशीर्वाद दिलाने वाला माना जाता है.
- •कल्पवासी संगम तट पर कठोर तपस्या करते हैं, कुंभ और माघ मेले के दौरान इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है.
- •मुख्य नियमों में दिन में तीन बार स्नान, त्रिकाल संध्या करना, तुलसी और जौ के बीज बोना, और दिन में एक बार भोजन करना शामिल है.
- •ब्रह्मचर्य का पालन, इंद्रियों पर नियंत्रण, धर्मग्रंथों का अध्ययन और पिंडदान करना पूर्ण कल्पवास के लिए आवश्यक है.
- •कल्पवासियों को दूसरों की निंदा, हिंसा, क्रोध और झूठ से बचना चाहिए, साथ ही दान करना और मेला क्षेत्र में जमीन पर सोना चाहिए.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कल्पवास प्रयागराज में एक महीने का आध्यात्मिक अभ्यास है जिसके 10 सख्त नियम हैं दिव्य आशीर्वाद के लिए.
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