Begging is not always the last resort of survival in India, it is also business. (AI-Generated Image)
ओपिनियन
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News1820-01-2026, 08:46

भारत में भीख मांगना: सिर्फ़ गुज़ारा नहीं, एक बड़ा कारोबार; इंदौर कर रहा है मुकाबला.

  • भारत में भीख मांगना अक्सर एक लाभदायक व्यवसाय है, न कि केवल जीवित रहने का अंतिम उपाय, जिसमें मंगलिलाल (इंदौर) और भरत जैन (मुंबई) जैसे व्यक्ति महत्वपूर्ण धन जमा करते हैं.
  • संगठित अपराध सिंडिकेट भिखारियों के बड़े नेटवर्क को नियंत्रित करते हैं, व्यक्तियों, बच्चों सहित, की तस्करी करते हैं और लखनऊ और हैदराबाद जैसे शहरों में करोड़ों के अवैध व्यवसाय संचालित करते हैं.
  • यह प्रथा गंभीर जोखिम पैदा करती है, जिसमें बच्चों का अपहरण, तस्करी और शोषण शामिल है, जैसा कि ओडिशा और चेन्नई में बचाव कार्यों से उजागर हुआ है.
  • बॉम्बे भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम, 1959 जैसे मौजूदा कानून कमजोर कार्यान्वयन के कारण बड़े पैमाने पर अप्रभावी हैं और अक्सर अपराधियों के बजाय पीड़ितों को अपराधी बनाते हैं.
  • इंदौर एकमात्र भारतीय शहर है जो 1 जनवरी, 2025 से प्रभावी भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध, जागरूकता अभियान और भिखारियों के लिए पुनर्वास कार्यक्रमों के साथ सक्रिय रूप से भीख मांगने का मुकाबला कर रहा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत में भीख मांगना एक जटिल मुद्दा है, अक्सर एक आपराधिक उद्यम, जिसके लिए तत्काल, व्यापक राज्य हस्तक्षेप की आवश्यकता है.

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