अमेरिका-इजरायल-ईरान तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक चुनौती: एक विश्लेषण.
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भारत का रणनीतिक संतुलन: अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध और युद्ध के बाद की भूमिका.
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News18•13-03-2026, 10:36
भारत का रणनीतिक संतुलन: अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध और युद्ध के बाद की भूमिका.
•अमेरिका-इजरायल का ईरान पर युद्ध जारी है, जो ईरान को झुकाने या शासन बदलने जैसे प्राथमिक उद्देश्यों को प्राप्त करने में विफल रहा है, ईरान का नेतृत्व अभी भी अड़ा हुआ है.
•ईरानी राष्ट्रवादी भावना बढ़ रही है, नागरिक बाहरी हस्तक्षेप और संभावित कठपुतली सरकारों का विरोध कर रहे हैं, जो अमेरिकी अपेक्षाओं को चुनौती दे रहा है.
•युद्ध के बाद के परिदृश्यों में ईरान में एक इंद्रधनुषी गठबंधन, पश्चिम एशिया में चीन और रूस की बढ़ती भागीदारी और ओआईसी में बदलाव देखे जा सकते हैं.
•भारत ने रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखी है, हिंसा का विरोध किया है और समान दूरी बनाए रखी है, खुद को युद्ध के बाद के पश्चिम एशिया में एक महत्वपूर्ण संतुलनकारी शक्ति के रूप में स्थापित किया है.
•भारत तेहरान के साथ आर्थिक साझेदारी के अवसर देखता है और ईरान के लिए क्षेत्रीय स्थिरता और नए सिरे से अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव को बढ़ावा देना चाहता है.