अनु लाल की पुस्तक समीक्षा: बिश्नोई, काला हिरण और पर्यावरण संरक्षण पर राय
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पुस्तक समीक्षा: 'बिश्नोई और ब्लैकबक' पर्यावरण संरक्षण में धर्म की भूमिका पर
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News18•02-03-2026, 11:31
पुस्तक समीक्षा: 'बिश्नोई और ब्लैकबक' पर्यावरण संरक्षण में धर्म की भूमिका पर
•अनु लाल की पुस्तक 'बिश्नोई और ब्लैकबक' बिश्नोई समुदाय के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों पर एक गहन शोध है.
•लेखक इस बात पर जोर देते हैं कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक वैश्विक बहस नहीं बल्कि एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी है, जो आरएसएस के 'पंच परिवर्तन' एजेंडे के अनुरूप है.
•यह पुस्तक सतही पर्यावरणीय वकालत की तुलना बिश्नोई जैसे समुदायों के गहरे 'धर्म' से करती है, जो कर्तव्य के रूप में प्रकृति की रक्षा करते हैं.
•इसमें बिश्नोईयों के ऐतिहासिक बलिदानों का विवरण है, जिसमें खेजरली नरसंहार भी शामिल है जहां 363 लोगों ने खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई थी, और ब्लैकबक व अन्य वन्यजीवों की उनकी निरंतर सुरक्षा.
•समीक्षा का निष्कर्ष है कि सच्चा पर्यावरणीय परिवर्तन धार्मिक जड़ों की ओर लौटने से आता है, क्योंकि केवल अनुपालन प्रकृति के लिए आत्म-बलिदान को प्रेरित नहीं कर सकता है.