बजट 2026: विकसित भारत 2047 के लिए शहरी क्षमता को अनलॉक करना

ओपिनियन
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News18•03-02-2026, 16:21
बजट 2026: विकसित भारत 2047 के लिए शहरी क्षमता को अनलॉक करना
- •बजट 2026 शहरी नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, जो शहरों को सामान्य बुनियादी ढांचे से अलग, आर्थिक विकास के स्वतंत्र इंजन के रूप में मान्यता देता है.
- •वित्त मंत्री ने छह हस्तक्षेप पेश किए, जिसमें "शहर आर्थिक केंद्रों का विकास" एक स्वतंत्र स्तंभ के रूप में था, जो उत्पादकता बढ़ाने के लिए "समूहन" पर केंद्रित था.
- •सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़कर ₹12.2 लाख करोड़ हो गया, जिसमें सिटी इकोनॉमिक रीजन (CERs) पर नया ध्यान केंद्रित किया गया और पांच वर्षों में प्रति CER ₹5,000 करोड़ का आवंटन किया गया.
- •टियर-II, टियर-III शहरों और मंदिर कस्बों को लक्षित करने का उद्देश्य विकास को फैलाना, "घनत्व लाभांश" को अधिकतम करना और महानगरों में भीड़भाड़ को कम करना है.
- •नए वित्तपोषण तंत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड और नगर निगम बांड के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं, जो शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को पूंजी बाजारों का लाभ उठाने में सशक्त बनाते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट 2026 भारत के विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए शहरी विकास और समूहन को रणनीतिक रूप से प्राथमिकता देता है.
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