चीन का जनसांख्यिकीय संकट: भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी

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Firstpost•15-02-2026, 16:30
चीन का जनसांख्यिकीय संकट: भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी
- •चीन की जन्म दर 2016 में 17.86 मिलियन से गिरकर 2025 तक 7.92 मिलियन हो गई, जो एक दशक से भी कम समय में भारी गिरावट है.
- •जुर्माने और जबरदस्ती के साथ लागू की गई एक-बच्चा नीति के कारण लिंगानुपात बिगड़ गया और दीर्घकालिक सामाजिक मुद्दे पैदा हुए, जिसे शिथिल नीतियों और प्रोत्साहनों से भी नहीं बदला जा सका.
- •उच्च जीवन लागत, शिक्षा व्यय और हुकोउ प्रणाली कम प्रजनन क्षमता में योगदान करती है, क्योंकि परिवार बच्चों की योजना को टाल देते हैं या छोड़ देते हैं.
- •चीनी महिलाओं की बढ़ी हुई शिक्षा और कार्यबल में भागीदारी के कारण बच्चों को जन्म न देने की 'चुनने की स्वतंत्रता' मिली है, जो पिछली जबरदस्ती नीतियों के खिलाफ एक मौन विरोध है.
- •भारत की मध्यम, पसंद-आधारित दो-बच्चा नीति, बिना दंड के, व्यक्तिगत स्वायत्तता को बनाए रखती है और राष्ट्र को जनसांख्यिकीय लाभांश के लिए तैयार करती है, जिससे चीन की गलतियों से बचा जा सके.
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