डोनरो डॉक्ट्रिन: ट्रंप का ग्रीनलैंड दांव अमेरिकी साम्राज्यवाद की वापसी का संकेत

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Firstpost•22-01-2026, 15:34
डोनरो डॉक्ट्रिन: ट्रंप का ग्रीनलैंड दांव अमेरिकी साम्राज्यवाद की वापसी का संकेत
- •अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 'डोनरो डॉक्ट्रिन' मोनरो डॉक्ट्रिन की पुनर्व्याख्या करता है, जो कथित तौर पर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण के बाद अमेरिकी प्रभुत्व की महत्वाकांक्षाओं को लैटिन अमेरिका से आर्कटिक तक बढ़ाता है.
- •ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकियों को दोहराया, जिसमें तेल, गैस और कोबाल्ट व लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल अप्रयुक्त भंडार का हवाला दिया गया, जो रणनीतिक तत्वों के लिए चीन पर अमेरिकी निर्भरता को कम करने के लिए आवश्यक हैं.
- •डेनमार्क और ग्रीनलैंड इस अधिग्रहण का विरोध करते हैं, ग्रीनलैंड के प्रधान मंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने कहा कि उनके लोग अमेरिका के बजाय डेनमार्क को चुनेंगे; वे यह भी उजागर करते हैं कि अमेरिका पहले से ही ग्रीनलैंड में पिटुफिक स्पेस बेस का संचालन बिना स्वामित्व के करता है.
- •लेख से पता चलता है कि ट्रंप का यह कदम ऐतिहासिक विरासत और आर्कटिक के रणनीतिक नियंत्रण की इच्छा से प्रेरित है ताकि चीन और रूस के प्रभाव को कम किया जा सके, मौजूदा सैन्य समझौतों के बावजूद.
- •ट्रंप की आक्रामकता नाटो के लिए एक अस्तित्वगत खतरा पैदा करती है, क्योंकि डेनमार्क (एक नाटो सदस्य) के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अनुच्छेद 5 का उल्लंघन करेगी, जिससे गठबंधन की नैतिक दिवालियापन और अमेरिकी सुरक्षा पर यूरोप की निर्भरता उजागर होगी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ट्रंप का 'डोनरो डॉक्ट्रिन' अमेरिकी साम्राज्यवादी शक्ति की राजनीति की खतरनाक वापसी का प्रतीक है, जो नाटो और वैश्विक स्थिरता को खतरे में डालता है.
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