भारत-यूरोपीय संघ FTA: 'सभी सौदों की जननी' वैश्विक व्यापार को बदलने के लिए तैयार

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Firstpost•23-01-2026, 15:55
भारत-यूरोपीय संघ FTA: 'सभी सौदों की जननी' वैश्विक व्यापार को बदलने के लिए तैयार
- •भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 'सभी सौदों की जननी' कहा है, जो इसके immense महत्व को दर्शाता है.
- •यह FTA लगभग 2 अरब लोगों के लिए एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाएगा, जो दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 25% प्रतिनिधित्व करता है, और पर्याप्त आर्थिक अवसर प्रदान करेगा.
- •इस समझौते से 'आत्मनिर्भर' कार्यक्रमों के तहत भारत के प्रौद्योगिकी अवशोषण को बढ़ावा मिलने, यूरोप को निर्यात दोगुना होने और महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
- •भारत की 'रेड लाइन्स' के कारण कृषि उत्पादों को मसौदे से बाहर रखा गया है ताकि अपनी बड़ी कृषि आबादी को सब्सिडी वाले विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सके.
- •FTA का अंतिम रूप भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को गति देगा, जिससे वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति और मजबूत होगी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-यूरोपीय संघ FTA एक ऐतिहासिक समझौता है जो भारत की अर्थव्यवस्था, वैश्विक स्थिति और व्यापार संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगा.
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