भारत का नया संकल्प: 2026 में सभ्यतागत विदेश नीति का प्रभुत्व होगा.

ओपिनियन
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News18•04-01-2026, 15:25
भारत का नया संकल्प: 2026 में सभ्यतागत विदेश नीति का प्रभुत्व होगा.
- •2025 की "दरार" भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की आवश्यकता को प्रमाणित करती है, जो सभ्यतागत आत्मविश्वास में निहित है और निर्भरता-आधारित कूटनीति को खारिज करती है.
- •मोदी सरकार की विदेश नीति मुखर, लेन-देन वाली और हित-प्रेरित है, जो नेहरूवादी गुटनिरपेक्षता के विपरीत, अधीनता या माफी के बिना वैश्विक शक्तियों के साथ जुड़ती है.
- •2025 में पाकिस्तान के प्रति निर्णायक प्रतिक्रिया ने निवारण पर केंद्रित "रेड लाइन सिद्धांत" का प्रदर्शन किया, जबकि चीन के साथ संबंधों को एक दीर्घकालिक सभ्यतागत प्रतिद्वंद्विता के रूप में देखा जाता है.
- •भारत अमेरिका को एक संरक्षक नहीं, बल्कि एक भागीदार मानता है, आर्थिक शक्ति के लिए आत्मनिर्भर भारत पर जोर देता है और यूरोप व ग्लोबल साउथ के साथ संबंधों में विविधता लाता है.
- •2026 के लिए, भारत रणनीतिक सुदृढीकरण का लक्ष्य रखता है, पिछली हिचकिचाहट को त्यागकर वैश्विक मंच पर अपनी सभ्यतागत पहचान और राष्ट्रीय हितों पर जोर देता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत 2026 में मुखर, हित-प्रेरित विदेश नीति अपनाएगा, पिछली हिचकिचाहट को त्याग देगा.
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