2025’s decisive shift of the semiconductor industry from rhetoric to execution sets the stage for a more substantive phase in 2026 and beyond. (File image)
समाचार
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Firstpost05-01-2026, 17:49

भारत का सेमीकंडक्टर बदलाव: 2025 में दृष्टिकोण से क्रियान्वयन तक.

  • 2025 में भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र महत्वाकांक्षी घोषणाओं से हटकर व्यावहारिक, क्रियान्वयन-केंद्रित रणनीति की ओर बढ़ा.
  • रणनीति ने महंगे फैब से परे OSAT और ATMP जैसी कम पूंजी वाली बैकएंड गतिविधियों को शामिल किया, जिससे व्यापक मूल्य श्रृंखला को मान्यता मिली.
  • ₹62,900 करोड़ की सरकारी फंडिंग के बावजूद, भूमि अधिग्रहण, पानी, बिजली और लॉजिस्टिक्स जैसी संरचनात्मक चुनौतियाँ बनी हुई हैं.
  • 2025 में $115-120 बिलियन का मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण घरेलू मांग प्रदान करता है, जो सेमीकंडक्टर विकास के लिए एक स्थिर आधार है.
  • भारत की डिजाइन शक्ति (वैश्विक कार्यबल का 20%) को पूर्ण आर्थिक मूल्य प्राप्त करने के लिए स्थानीय विनिर्माण और पैकेजिंग के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 2025 में भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा ने व्यावहारिक क्रियान्वयन और फैब से परे एक विविध रणनीति की ओर महत्वपूर्ण बदलाव किया.

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