भारत की पश्चिम एशिया रणनीति: तटस्थता की कला में महारत
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भारत की पश्चिम एशिया रणनीति: रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हित से बहु-संरेखण
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Firstpost•13-03-2026, 19:29
भारत की पश्चिम एशिया रणनीति: रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हित से बहु-संरेखण
•प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पश्चिम एशिया नीति वैचारिक कठोरता से एक अति-व्यावहारिक, हित-संचालित "रणनीतिक स्वायत्तता" में विकसित हुई है.
•"मोदी सिद्धांत" "बिना उलझाव के बहु-संरेखण" पर जोर देता है, जिससे भारत राष्ट्रीय हित के आधार पर रूस, अमेरिका, सऊदी अरब और ईरान जैसे विविध देशों के साथ जुड़ सके.
•भारत अपनी प्रतिबद्धताओं को संतुलित करता है, फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान का समर्थन करते हुए इजरायल के साथ रणनीतिक और रक्षा संबंधों को गहरा कर रहा है, जैसा कि संयुक्त राष्ट्र के वोटों और श्रम प्रवासन में देखा गया है.
•भारतीय प्रवासी और Lulu Group जैसे सफल व्यवसायों द्वारा संचालित आर्थिक संबंध एक मजबूत स्तंभ बनाते हैं, जो अरबों रुपये के प्रेषण और सॉफ्ट पावर में योगदान करते हैं.
•भारत IMEC जैसे क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक गलियारों का एक सक्रिय वास्तुकार है, जो पक्ष लेने के बजाय "भारत-समर्थक" होने पर ध्यान केंद्रित करता है.