The petition, filed by Supreme Court Advocate Nadim Ahmed, contends that the election environment has already been compromised. (AP File for representation)
ओपिनियन
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News1823-01-2026, 17:14

कानूनी तूफान: बांग्लादेश HC रिट ने 12 फरवरी के चुनावों की रूपरेखा को चुनौती दी.

  • बांग्लादेश के उच्च न्यायालय में दायर एक रिट याचिका (सं. 1201/2026) 12 फरवरी, 2026 को होने वाले 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव और राष्ट्रीय जनमत संग्रह को चुनौती देती है.
  • सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता नदीम अहमद द्वारा दायर याचिका में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की कार्रवाइयों और चुनाव आयोग की निष्क्रियता के कारण चुनावी माहौल में समझौता होने का आरोप लगाया गया है.
  • इसमें दावा किया गया है कि अंतरिम सरकार के सलाहकारों ने जनमत संग्रह में 'हां' वोट को बढ़ावा दिया, जिससे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ, और एक सरकारी वेबसाइट (www.gonovote.gov.bd) का उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया.
  • याचिका में चुनाव आयोग पर 20 जनवरी, 2026 को न्याय की मांग का नोटिस मिलने के बावजूद कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई न करने के कारण संवैधानिक विफलता का आरोप लगाया गया है.
  • यह तर्क दिया गया है कि संसदीय चुनावों और जनमत संग्रह को एक साथ आयोजित करना 'अभूतपूर्व, अविवेकपूर्ण और असंवैधानिक' है, जिससे मतदाता के निर्णय में विकृति आ सकती है और परिणामों को प्रभावित किया जा सकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक उच्च न्यायालय रिट बांग्लादेश के आगामी चुनावों और जनमत संग्रह को चुनौती देती है, जिसमें तटस्थता के उल्लंघन और चुनाव आयोग की निष्क्रियता का हवाला दिया गया है.

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