महा माघ महोत्सवम: केरल का 'कुंभ मेला' राजनीतिक चुप्पी के बीच लौटा

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News18•31-01-2026, 15:52
महा माघ महोत्सवम: केरल का 'कुंभ मेला' राजनीतिक चुप्पी के बीच लौटा
- •केरल के तिरुनावया नवमुकुंद मंदिर में 18 जनवरी से 3 फरवरी तक महा माघ महोत्सवम का आयोजन हो रहा है, जिसे केरल के कुंभ मेले के रूप में देखा जा रहा है.
- •यह महोत्सव मामंकम नामक एक प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित करता है, जो 18वीं सदी के मध्य तक हर 12 साल में आयोजित होने वाला एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और धार्मिक आयोजन था.
- •ऐतिहासिक रूप से, मामंकम में वल्लुवक्कोनाथिरी और मालाबार के ज़ामोरिन के बीच एक अनुष्ठानिक संघर्ष शामिल था, जिसमें आत्मघाती मिशन एक वीर प्रतीक बन गए थे.
- •हिंदू राष्ट्रवादी विचारों से प्रभावित वर्तमान पुनरुद्धार का उद्देश्य त्योहार के शुरुआती स्वरूप को बहाल करना है, जो प्रमुख अखाड़ों और आध्यात्मिक नेताओं को आकर्षित कर रहा है.
- •त्योहार की वापसी को केरल में बढ़ती हिंदू चेतना के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें राजनीतिक दल अप्रत्याशित वोट बैंक के निहितार्थों के कारण सार्वजनिक बयान देने से बच रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: केरल में महा माघ महोत्सवम का पुनरुद्धार राज्य में बढ़ती हिंदू चेतना और राजनीतिक जटिलता का संकेत है.
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