मोदी बनाम शी: वैश्विक संसदीय आउटरीच में सॉफ्ट पावर रणनीतियों का विरोधाभास
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मोदी बनाम शी: वैश्विक संसदीय आउटरीच में सॉफ्ट पावर रणनीतियों का विरोधाभास
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Firstpost•28-02-2026, 15:20
मोदी बनाम शी: वैश्विक संसदीय आउटरीच में सॉफ्ट पावर रणनीतियों का विरोधाभास
•भारतीय पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग संसदीय आउटरीच के लिए बिल्कुल अलग दृष्टिकोण प्रदर्शित करते हैं, जो सॉफ्ट पावर की बदलती गतिशीलता को दर्शाता है.
•मोदी ने 19 विदेशी संसदों को संबोधित किया है, जिसमें लोकतांत्रिक एकजुटता पर जोर दिया गया है और विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में संस्थागत और भावनात्मक संबंध बनाए गए हैं.
•शी जिनपिंग ने केवल 3-4 ऐसे संबोधन दिए हैं, जो प्रत्यक्ष विधायी जुड़ाव के बजाय कार्यकारी-स्तर और बहुपक्षीय कूटनीति को प्राथमिकता देते हैं.
•भारत की रणनीति लोकतांत्रिक साख पेश करने और जमीनी स्तर पर संबंध बनाने के लिए संसदीय मंचों का लाभ उठाती है, जो चीन की राज्य-केंद्रित कूटनीति के विपरीत है.
•यह असमानता भारत की एक भरोसेमंद, गैर-आधिपत्यवादी भागीदार के रूप में अपील को उजागर करती है, जबकि चीन के दृष्टिकोण को मानवाधिकारों और ऋण-वित्तपोषित परियोजनाओं जैसे मुद्दों पर जांच का सामना करना पड़ता है.