निखिल गुप्ता प्रकरण: डोभाल और भारतीय खुफिया एजेंसियों की साख पर क्यों नहीं आता असर.
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निखिल गुप्ता प्रकरण: डोभाल को क्यों नहीं झुकाता और भारतीय खुफिया एजेंसियों को बदनाम नहीं करता.
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News18•19-02-2026, 09:11
निखिल गुप्ता प्रकरण: डोभाल को क्यों नहीं झुकाता और भारतीय खुफिया एजेंसियों को बदनाम नहीं करता.
•खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नून के खिलाफ कथित हत्या की साजिश में निखिल गुप्ता के दोषी ठहराए जाने से भारतीय खुफिया एजेंसियों पर सवाल उठे.
•भारत का कहना है कि यदि कोई संलिप्तता थी, तो वह एक 'दुष्ट व्यक्ति' का कार्य था, न कि राज्य-अनुमोदित; कथित तौर पर शामिल विकास यादव अब सरकारी सेवा में नहीं हैं.
•कुछ विशेषज्ञों का सुझाव है कि गुप्ता भारत के खिलाफ लाभ उठाने के लिए एक 'अमेरिकी प्लांट' हो सकते हैं.
•लेख तर्क देता है कि मोसाद और सीआईए जैसी शीर्ष खुफिया एजेंसियों के भी असफल अभियान रहे हैं, जो उनकी समग्र विश्वसनीयता को कम नहीं करते.
•भारत का खुफिया इतिहास, जिसमें सर्जिकल स्ट्राइक और गुप्त अभियान शामिल हैं, मजबूत बना हुआ है, और अलग-थलग घटनाओं का उपयोग इसकी एजेंसियों को बदनाम करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.