The latest municipal results present an uncomfortable truth for Eknath Shinde’s Shiv Sena: it governs, but it does not truly command. (PTI)
ओपिनियन
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News1820-01-2026, 12:34

शिंदे की शिवसेना: शासन में मजबूत, नागरिक चुनावों में कमजोर

  • एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने राज्य भर में 399 नागरिक सीटें जीतीं, लेकिन 55% से अधिक (221 सीटें) अकेले ठाणे जिले में केंद्रित हैं.
  • ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, नवी मुंबई और उल्हासनगर पार्टी की कुल सीटों का 62.6% हिस्सा हैं, जो एक मजबूत क्षेत्रीय निर्भरता को दर्शाता है.
  • ठाणे बेल्ट के बाहर, पार्टी का प्रदर्शन मामूली है, सोलापुर, नांदेड़-वाघाला और अमरावती जैसे प्रमुख शहरों में एकल-अंकीय परिणाम और पुणे और परभणी में शून्य सीटें मिलीं.
  • नगरपालिका चुनाव इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि भाजपा की शहरी अपील शिंदे की शिवसेना के लिए स्वचालित रूप से वोटों में परिवर्तित नहीं होती है, जिससे कनिष्ठ सहयोगी अनावश्यक प्रतीत होता है.
  • नागरिक चुनाव बताते हैं कि 2022 के विभाजन के बाद सत्ता तो बदली, लेकिन लोकप्रिय निष्ठा और जमीनी स्तर के नेटवर्क निर्णायक रूप से शिंदे के खेमे में नहीं आए.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शिंदे की शिवसेना शासन में मजबूत है लेकिन नागरिक चुनावों में चुनावी रूप से संघर्ष कर रही है, जो ठाणे गढ़ पर बहुत अधिक निर्भर है.

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