खामोश खाद्य संकट: उर्वरक व्यवधान तेल जितना ही महत्वपूर्ण.
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Firstpost•21-03-2026, 13:35
खामोश खाद्य संकट: उर्वरक व्यवधान तेल जितना ही महत्वपूर्ण.
•उर्वरक बाजार में कसाव एक खामोश, वैश्विक खाद्य संकट पैदा कर रहा है, जिसे अक्सर तेल संकट की तुलना में अनदेखा किया जाता है.
•नाइट्रोजन उर्वरक, विशेष रूप से यूरिया, वैश्विक फसल उपज के 40-50% के लिए महत्वपूर्ण हैं, जिससे आपूर्ति में व्यवधान व्यापक और राजनीतिक हो जाता है.
•दुनिया का सबसे बड़ा यूरिया उत्पादक चीन, अपने घरेलू कृषि की रक्षा के लिए निर्यात पर प्रतिबंध लगाता है, जिससे वैश्विक आपूर्ति में कमी और कीमतें बढ़ती हैं.
•भारत, दुनिया का सबसे बड़ा यूरिया आयातक, अपनी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, सब्सिडी पर निर्भरता और निश्चित कृषि कैलेंडर के कारण महत्वपूर्ण भेद्यता का सामना कर रहा है.
•संकट धीरे-धीरे सामने आता है: बुवाई के निर्णय, फसल की मात्रा और खुदरा कीमतें महीनों बाद प्रभावित होती हैं, जिससे इसके मूल का राजनीतिक रूप से पता लगाना मुश्किल हो जाता है.