The Aravalli range occupies a unique place in India’s ecological and cultural landscape. (Getty Images)
ओपिनियन
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News1805-01-2026, 17:05

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर अपना फैसला पलटा: भारत को बचाने होंगे 'हरे फेफड़े'.

  • सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों पर अपने 20 नवंबर, 2025 के फैसले को एक महीने के भीतर पलट दिया, जनविरोध के बाद यह एक दुर्लभ कदम है.
  • समिति की रिपोर्ट पर आधारित प्रारंभिक फैसले से अरावली का 90% हिस्सा खनन के लिए खुल जाता, जिससे व्यापक पर्यावरणीय चिंताएं बढ़ गईं थीं.
  • उत्तर-पश्चिमी भारत के 'हरे फेफड़े' अरावली मरुस्थलीकरण रोकने, भूजल पुनर्भरण, जलवायु विनियमन और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं.
  • दशकों से अवैध खनन, शहरीकरण और वनों की कटाई ने राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली में अरावली को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त किया है.
  • स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करने और इस महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए एक नई उच्च-शक्ति विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटना अरावली की महत्वपूर्ण पारिस्थितिक भूमिका और भारत की प्राचीन पर्वत श्रृंखला को बचाने की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है.

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