ट्रंप के ईरान टैरिफ ने अमेरिका-भारत रणनीतिक अभिसरण की सीमाएं उजागर कीं.

ओपिनियन
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News18•13-01-2026, 14:44
ट्रंप के ईरान टैरिफ ने अमेरिका-भारत रणनीतिक अभिसरण की सीमाएं उजागर कीं.
- •नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के राजनयिक बयान के तुरंत बाद ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ की घोषणा की.
- •ईरान के साथ भारत का संबंध उसके बुनियादी ढांचे, रसद और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें चाबहार बंदरगाह और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) शामिल हैं.
- •ट्रंप के टैरिफ से चाबहार बंदरगाह में भारत के लगभग $500 मिलियन के निवेश के लिए अनिश्चितता पैदा हुई है, जो पाकिस्तान को दरकिनार कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है.
- •चाबहार के लिए अमेरिकी ट्रेजरी की अप्रैल 2026 तक की अस्थायी राहत अमेरिकी विदेश नीति की अस्थिरता को उजागर करती है, जिससे रणनीतिक परियोजनाएं कार्यकारी आदेशों के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं.
- •भारत सक्रिय रूप से भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर काम कर रहा है और एकतरफा अमेरिकी दबाव के प्रति अपनी भेद्यता को कम करने के लिए यूरोप के साथ संबंध मजबूत कर रहा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ट्रंप के एकतरफा ईरान टैरिफ ने अमेरिका के लेन-देन वाले दृष्टिकोण को उजागर किया, जिससे भारत के रणनीतिक हित कमजोर हुए और विविधीकरण को बढ़ावा मिला.
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