मादुरो का 'अपहरण': अंतरराष्ट्रीय कानून का मज़ाक और पश्चिमी पाखंड का पर्दाफाश.

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Firstpost•08-01-2026, 15:30
मादुरो का 'अपहरण': अंतरराष्ट्रीय कानून का मज़ाक और पश्चिमी पाखंड का पर्दाफाश.
- •वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कथित तौर पर 'अपहरण' कर अमेरिकी अदालत में पेश किया गया, जिससे वैश्विक आक्रोश फैल गया.
- •लेख का तर्क है कि यह अमेरिकी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून को तोड़ती है और वैश्विक नेताओं व देशों के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करती है.
- •यह 1947 से अमेरिका द्वारा किए गए 72 से अधिक शासन परिवर्तनों के इतिहास पर प्रकाश डालता है, जो अक्सर लोकतंत्रों के खिलाफ और स्वार्थ से प्रेरित थे.
- •मादुरो की गिरफ्तारी के लिए अमेरिकी औचित्य, 1989 के "स्नैच एक्ट" मेमो पर आधारित, अंतरराष्ट्रीय कानूनी मानदंडों का उल्लंघन माना जाता है.
- •लेखक ग्लोबल साउथ के लिए खतरनाक समय की चेतावनी देता है, भारत से वसुधैव कुटुंबकम् पर आधारित एक सच्ची "नियम-आधारित व्यवस्था" का समर्थन करने का आग्रह करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मादुरो का 'अपहरण' अमेरिकी पाखंड को उजागर करता है, अंतरराष्ट्रीय कानून को कमजोर करता है और वैश्विक स्थिरता को खतरे में डालता है.
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