राय: पश्चिम एशिया युद्ध ने भारत में राष्ट्र-विरोधी तत्वों को कैसे बेनकाब किया
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पश्चिम एशिया युद्ध: खामेनेई की मौत ने भारत में राष्ट्र-विरोधी भावनाओं को उजागर किया.
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News18•03-03-2026, 23:11
पश्चिम एशिया युद्ध: खामेनेई की मौत ने भारत में राष्ट्र-विरोधी भावनाओं को उजागर किया.
•28 फरवरी 2026 को अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित भारत भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए.
•प्रदर्शनकारियों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, ने खामेनेई की मौत के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार ठहराया, इसे उनकी हाल की इजरायल यात्रा से जोड़ा, कुछ ने भारत के पीएम में अरुचि व्यक्त की.
•लेख में एक कथित दोहरे मापदंड पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें खामेनेई और बेनजीर भुट्टो के लिए शोक की तुलना में भारतीय नेताओं या आतंकी पीड़ितों के लिए इसी तरह के आक्रोश की कमी का उल्लेख किया गया है.
•यह ईरान के ऐतिहासिक भारत-विरोधी रुख (कश्मीर, 26/11, दिल्ली दंगे) की तुलना इजरायल के एक रणनीतिक साझेदार के रूप में लगातार समर्थन से करता है.
•लेखक का निष्कर्ष है कि ये विरोध प्रदर्शन 'इस्लामो-मार्क्सवादियों' और 'हिंदू-विरोधियों' को उजागर करते हैं जिनकी भारत के प्रति वफादारी संदिग्ध है, जो सावरकर के विचारों को प्रतिध्वनित करता है.