क्यों बढ़ी गोल्ड की ‘घर वापसी’-हालांकि RBI ने आधिकारिक तौर पर कोई कारण नहीं बताया है, लेकिन जानकार मानते हैं कि यह कदम 2022 में रूस के विदेशी रिजर्व फ्रीज़ होने के बाद उठाया गया है. तब अमेरिका, यूरोपीय यूनियन और अन्य G7 देशों ने रूस के विदेशी संपत्ति को सीज़ कर दिया था. इस घटना ने कई देशों को अपने गोल्ड रिजर्व देश के अंदर रखने के लिए प्रेरित किया.
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CNBC Awaaz07-01-2026, 17:42

चीन का सोने पर बड़ा दांव: अमेरिकी डॉलर के खिलाफ गेम, भारत पर क्या होगा असर.

  • चीन का केंद्रीय बैंक लगातार 14 महीनों से आक्रामक रूप से सोना खरीद रहा है, नवंबर 2024 से 1.35 मिलियन औंस जमा कर चुका है, जो अमेरिकी डॉलर के खिलाफ एक रणनीतिक कदम है.
  • रिकॉर्ड कीमतों के बावजूद, चीन की लगातार खरीद और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के समर्थन से सोने के बाजार को मजबूत सहारा मिल रहा है.
  • गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि चीन की वास्तविक सोने की खरीद आधिकारिक आंकड़ों से अधिक हो सकती है, जो सोने में दीर्घकालिक तेजी का संकेत है.
  • इस वैश्विक प्रवृत्ति से भारत में सोने की कीमतें और बढ़ेंगी, जो आने वाले महीनों में ₹200,000 तक पहुंच सकती हैं.
  • बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए गोल्ड ईटीएफ में पैसा लगा रहे हैं, जबकि सिल्वर ईटीएफ से मुनाफावसूली देखी जा रही है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: चीन की डॉलर विरोधी सोने की रणनीति वैश्विक कीमतों को बढ़ा रही है, भारतीय निवेशकों पर असर होगा.

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