भारतीयों का बढ़ता वैश्विक निवेश: अनुपालन नियम अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो को कैसे आकार देते हैं.
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भारतीयों का विदेशी निवेश बढ़ रहा: जटिल नियमों से वैश्विक पोर्टफोलियो का निर्माण.
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CNBC TV18•06-03-2026, 12:08
भारतीयों का विदेशी निवेश बढ़ रहा: जटिल नियमों से वैश्विक पोर्टफोलियो का निर्माण.
•भारतीय खुदरा निवेशक पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए वैश्विक बाजारों में निवेश बढ़ा रहे हैं, लेकिन नियामक, कर और अनुपालन संबंधी चुनौतियाँ बनी हुई हैं.
•RBI की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत निवासी व्यक्ति प्रति वित्तीय वर्ष $250,000 तक प्रेषित कर सकते हैं.
•₹10 लाख से अधिक के प्रेषण पर 20% टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) लगता है, जो कर देयता के विरुद्ध समायोजित होता है लेकिन तरलता पर दबाव डाल सकता है.
•विदेशी निवेश में भारत के FEMA नियमों और SEC (US), ASIC (ऑस्ट्रेलिया) जैसे विदेशी बाजार नियमों को समझना शामिल है, जिससे प्रक्रिया जटिल हो जाती है.
•UAE, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ कर संधियाँ दोहरे कराधान को रोकने में मदद करती हैं, जबकि US वैश्विक निवेश के लिए एक पसंदीदा प्रवेश द्वार है.