
नया आयकर अधिनियम, 2025, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, कर भाषा और संरचना को सरल बनाता है लेकिन मौजूदा अधिकारों और दायित्वों को काफी हद तक बरकरार रखता है।
बढ़ी हुई एसटीटी निवेशकों के लिए व्यापार लागत बढ़ाएगी। इससे उनके समग्र रिटर्न पर असर पड़ सकता है और व्यापार रणनीतियों की पुनर्गणना आवश्यक हो सकती है।
दिए गए स्रोतों में किसी नए एसजीबी नियमों या भारत में सोने के निवेश के रुझानों पर उनके संभावित प्रभाव का उल्लेख नहीं है। हालांकि, स्रोत सोने के निवेश की गतिशीलता में बदलाव का संकेत देते हैं।