बागमती दियारा में रेत पर उगी उम्मीद: किसानों ने बंजर जमीन को बनाया हरा-भरा खेत

कृषि
N
News18•22-01-2026, 09:33
बागमती दियारा में रेत पर उगी उम्मीद: किसानों ने बंजर जमीन को बनाया हरा-भरा खेत
- •शिवहर-सीतामढ़ी जिलों के किसान बागमती दियारा क्षेत्र में रेतीली भूमि पर खीरा, लौकी और तरबूज जैसी सब्जियों की सफलतापूर्वक खेती कर रहे हैं, जिसे पहले खेती के लिए अनुपयुक्त माना जाता था.
- •इस अभिनव तकनीक में रेत में लंबी नालियां बनाना, गड्ढों को खाद और उपजाऊ मिट्टी से भरना और फिर बीज बोना शामिल है; यह तरीका 2003-04 में उत्तर प्रदेश के किसानों से सीखा गया था.
- •अचानक बाढ़ से फसल बह जाने के जोखिम के बावजूद, किसान इस रेतीली भूमि को पट्टे पर लेते हैं और अपनी कड़ी मेहनत से इसकी उर्वरता साबित करते हैं, जिससे विभिन्न बाजारों में उपज की आपूर्ति होती है.
- •यह खेती उन सैकड़ों परिवारों के लिए आजीविका प्रदान करती है जिनके पास पारंपरिक कृषि योग्य भूमि नहीं है.
- •किसानों को इस अनूठी खेती पद्धति के लिए कोई सरकारी सहायता, प्रशिक्षण या वित्तीय सहायता नहीं मिलती है और उनका मानना है कि सरकारी सहयोग से इस मॉडल को बड़े पैमाने पर विकसित किया जा सकता है, जिससे हजारों किसानों को लाभ होगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बागमती दियारा के किसान अभिनव तकनीकों का उपयोग करके रेतीले बाढ़ के मैदानों को उत्पादक खेतों में बदल रहे हैं.
✦
More like this
Loading more articles...





