वहीं इस बीमारी की रोकथाम के लिए पशुपालकों को सबसे पहले बकरी के बाड़े में साफ-सफाई रखनी चाहिए और आसपास पानी के नालों में जल जमाव को साफ करना चाहिए, जिससे मच्छरों का प्रकोप कम हो. इसके अलावा बकरियों के रखरखाव के लिए सुरक्षित स्थान का चयन करें और खिड़कियों पर जाली जरूर लगाएं.
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News1822-01-2026, 20:48

बकरियों में ब्लू टंग रोग का कहर: लक्षण, बचाव और उपचार के उपाय

  • बकरियों में ब्लू टंग रोग से मौतें बढ़ रही हैं, यह रोग छोटे मच्छरों (Culicoides) द्वारा फैलता है.
  • लक्षणों में 103-105 डिग्री फ़ारेनहाइट बुखार, जीभ का नीला पड़ना, मुंह में सूजन और दूध उत्पादन में कमी शामिल हैं.
  • पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने साफ-सफाई, जलभराव रोकने और मच्छरदानी लगाने की सलाह दी है.
  • नियमित फॉगिंग, बीमार बकरियों को अलग रखना, पौष्टिक भोजन और साफ पानी देना महत्वपूर्ण है.
  • लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें और समय पर टीकाकरण कराएं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ब्लू टंग रोग बकरियों के लिए घातक है; शीघ्र पहचान, स्वच्छता और पशु चिकित्सा देखभाल महत्वपूर्ण है.

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