तीन सालों से वह जिस चने की खेती कर रहे थे, उसकी फसल में कई तरह की बीमारियां पैदा हो रही थीं. उनका गांव सूखे क्षेत्र में शुमार है, जिसकी वजह से सिंचाई की सबसे अधिक समस्या रहती है. तीन साल पहले पुराने विलुप्त बीज को फिर से विकसित करने पर काम शुरू किया गया. प्रशिक्षण के रूप में उसकी खेती भी की गई, जिसका नतीजा काफी अच्छा रहा और किसानों को चौंकाने वाला रहा.
कृषि
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News1827-12-2025, 20:25

गया के किसान का कमाल: ओस से उगने वाला 'नीति चना' पेटेंट हुआ, खेती में क्रांति.

  • गया के किसान नीति रंजन प्रताप ने 'नीति चना' नामक चने की एक नई किस्म विकसित की है, जिसे भारत सरकार ने पेटेंट किया है.
  • यह चना कम पानी में भी उग सकता है और ओस की नमी से भी पनपता है, जो इसे पहाड़ी और सूखे क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बनाता है.
  • 'नीति चना' एक स्वदेशी बीज है, जिसे नीति रंजन प्रताप के परिवार ने 50 साल पहले वजीरगंज, गया में उगाया था और अब इसे पुनर्जीवित किया गया है.
  • यह अन्य किस्मों की तुलना में अधिक उपज देता है, कीटों के प्रति कम संवेदनशील है, और स्वादिष्ट व स्वस्थ भी है.
  • नीति रंजन प्रताप को अब 'नीति चना' की बिक्री पर रॉयल्टी मिलेगी और वे इसे बिहार का ब्रांड बनाने के लिए सरकारी सहयोग चाहते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 'नीति चना' सूखे क्षेत्रों में खेती बदलने वाला एक पेटेंटेड, कम पानी वाला नवाचार है.

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